भारतीय सेना का एक जवान पाकिस्तान की एक महिला जासूस के जाल में फंस गया और उसे लंबे समय तक सेना के अहम राज़ बताता रहा। सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर तैनात इस जवान को जासूसी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और कंप्यूटर और उससे जुड़ी कई चीजें बरामद की हैं। पुलिस और सेना उससे पूछताछ कर रही है। पता चला है कि भारतीय सेना की अहम जानकारियों के एवज में भारतीय जवान को पाकिस्तानी महिला रकम देने के अलावा अपनी न्यूड तस्वीरें और वीडियो भी उसके साथ शेयर करती थी। यही नहीं, महिला ने पोद्दार को लंदन की सैर करवाने का भी वादा किया था।
40 साल का नायब सूबेदार पाटन कुमार पोद्दार 151 एमसी/एमएफ डिटैचमेंट में सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर तैनात था। पोद्दार के खिलाफ तैयार रिमांड केस डायरी के मुताबिक वह पश्चिम बंगाल के माल्दा जिले का रहने वाला है। पोद्दार पर आरोप है उसने पिछले साल जुलाई से पाकिस्तानी महिला जासूस को अहम जानकारियां दीं। इन जानकारियों के एवज में पाकिस्तानी महिला जासूस पोद्दार के बैंक खाते में रकम जमा करवाती थी।
'अनुष्का अग्रवाल' ने फेसबुक के जरिए जवान को फंसाया
पूछताछ के दौरान पोद्दार ने बताया कि फेसबुक के जरिए वह पिछले साल 'अनुष्का अग्रवाल' नाम की लड़की के संपर्क में आया। लड़की ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली है और एमएससी की छात्रा है। अनुष्का बनी पाकिस्तानी जासूस ने पोद्दार को बताया था कि उसके पिता भारतीय वायुसेना के रिटायर कमांडर हैं और संयुक्त राष्ट्र के लिए झांसी में एनजीओ चलाते हैं। महिला ने पोद्दार को इशारों-इशारों में यह बता दिया कि वह पोद्दार की तरफ आकर्षित है। अनुष्का ने पोद्दार को अपने एनजीओ में काम करने का प्रस्ताव दिया। अनुष्का ने पोद्दार को भारतीय सेना का आनलाइन सर्वे करने के एवज में हर महीने 10 हजार रुपए देने का वादा किया।
कैसे बेची जानकारी
पुलिस के मुताबिक अनुष्का ने पहले अपनी न्यूड तस्वीर पोद्दार को दी और फिर अपने न्यूड वीडियो से उसको अपने झांसे में ले लिया। पिछले साल जुलाई में अनुष्का ने पोद्दार के माल्दा स्थित मंगलबारी ब्रांच के खाते में 9 हजार रुपए जमा किए। पोद्दार ने महिला के इशारे पर एक आनलाइन फार्म भरा जिसमें पेशा, निजी ब्योरे शामिल थे। अपनी तस्वीरों के साथ इन जानकारियों को पोद्दार ने अनुष्का को ईमेल कर दिया। इसके बाद अनुष्का ने पोद्दार को उसके मोबाइल फोन पर काल करना शुरू किया। इसके बाद समय-समय पर अनुष्का के नाम से पाकिस्तानी जासूस पोद्दार के बैंक खाते में पैसे जमा करवाती रही और सेना से जुड़ी अहम जानकारियां हासिल करती रही।
पुलिस के मुताबिक अनुष्का ने पहले अपनी न्यूड तस्वीर पोद्दार को दी और फिर अपने न्यूड वीडियो से उसको अपने झांसे में ले लिया। पिछले साल जुलाई में अनुष्का ने पोद्दार के माल्दा स्थित मंगलबारी ब्रांच के खाते में 9 हजार रुपए जमा किए। पोद्दार ने महिला के इशारे पर एक आनलाइन फार्म भरा जिसमें पेशा, निजी ब्योरे शामिल थे। अपनी तस्वीरों के साथ इन जानकारियों को पोद्दार ने अनुष्का को ईमेल कर दिया। इसके बाद अनुष्का ने पोद्दार को उसके मोबाइल फोन पर काल करना शुरू किया। इसके बाद समय-समय पर अनुष्का के नाम से पाकिस्तानी जासूस पोद्दार के बैंक खाते में पैसे जमा करवाती रही और सेना से जुड़ी अहम जानकारियां हासिल करती रही।
अनुष्का से मिले पैसे से पोद्दार ने पुराना लैपटाप खरीद लिया और उससे संपर्क में रहता था।अनुष्का इंटरनेट फोन के जरिए पोद्दार से बात करती थी। पोद्दार सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर मौजूद सेना के बुकिंग काउंटर पर देर रात तक अपने निजी लैपटाप और डेटा कार्ड का इस्तेमाल कर अनुष्का से चैट करता था। महिला जासूस के कहने पर पोद्दार ने अपने आधिकारिक कंप्यूटर पर वायरस साफ्टवेयर ट्रोजन को इंस्टाल किया था। ट्रोजन की मदद से अनुष्का पोद्दार को कंप्यूटर को एक्सेस कर लेती थी।
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किस तरह की जानकारी शेयर की
पोद्दार ने वेस्टर्न सेक्टर में सेना के मूवमेंट, सिकंदराबाद से जोधपुर तक 96 फील्ड रेजिमेंट और 10 मीडियम रेजिमेंट के मूवमेंट की जानकारी महिला जासूस से साझा की। पोद्दार ने माना है कि उसने सिकंदराबाद से बाहर जाने वाली सेना की यूनिट की जानकारी भी दी। अनुष्का ने पोद्दार को मिसाइल यूनिट और स्टोरेज यूनिट की तस्वीरें, सिकंदरबाद में सेना के फार्मेशन साइन की भी जानकारी भेजने को कहा था। लेकिन पोद्दार के पास ऐसी तस्वीरें और जानकारी नहीं थी। नवंबर, 2013 में अनुष्का ने पोद्दार को 15,000 रुपए दिए। इसके एवज में पोद्दार ने 12 आर्मी यूनिट, ब्रिगेड के नाम और उनकी तैनाती की जगह अनुष्का को बताई। इस साल पोद्दार को दो किश्तों में 30 हजार रुपए मिले और उसने आर्टिलरी रेजिमेंट, कमांड, आर्मी बेस, कार्प्स, डिवीजन हेड क्वार्टर और ब्रिगेड के बारे में कामन ईमेल अकाउंट से जानकारी अनुष्का को दी।
पोद्दार ने वेस्टर्न सेक्टर में सेना के मूवमेंट, सिकंदराबाद से जोधपुर तक 96 फील्ड रेजिमेंट और 10 मीडियम रेजिमेंट के मूवमेंट की जानकारी महिला जासूस से साझा की। पोद्दार ने माना है कि उसने सिकंदराबाद से बाहर जाने वाली सेना की यूनिट की जानकारी भी दी। अनुष्का ने पोद्दार को मिसाइल यूनिट और स्टोरेज यूनिट की तस्वीरें, सिकंदरबाद में सेना के फार्मेशन साइन की भी जानकारी भेजने को कहा था। लेकिन पोद्दार के पास ऐसी तस्वीरें और जानकारी नहीं थी। नवंबर, 2013 में अनुष्का ने पोद्दार को 15,000 रुपए दिए। इसके एवज में पोद्दार ने 12 आर्मी यूनिट, ब्रिगेड के नाम और उनकी तैनाती की जगह अनुष्का को बताई। इस साल पोद्दार को दो किश्तों में 30 हजार रुपए मिले और उसने आर्टिलरी रेजिमेंट, कमांड, आर्मी बेस, कार्प्स, डिवीजन हेड क्वार्टर और ब्रिगेड के बारे में कामन ईमेल अकाउंट से जानकारी अनुष्का को दी।
कई जवानों के संपर्क में थी अनुष्का
इंटेलीजेंस एजेंसियों को पोद्दार की गतिविधियों पर शक हुआ था। जांच शुरू हुई तो पता चला कि फेसबुक पर अनुष्का अग्रवाल एक फर्जी पहचान है। यही नहीं जासूस सेना के कई जवानों के संपर्क में थी। सूत्रों के मुताबिक पोद्दार को महिला जासूस ने जो न्यूड वीडियो अपना बताते हुए भेजा था, वह असल में महिला जासूस का नहीं है। पुलिस ने पोद्दार के पास से तीन मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड, तीन डेटा कार्ड, पेन ड्राइव, कार्ड रीडर और दो कंप्यूटर बरामद किए हैं।

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